श्रीमद् देवचन्द्र
देवचंद जिन पूजना, करतां भव पार जिन पडिमा जिन सारखी, कही सूत्र मझार आज प्रत्येक श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन जिस स्नात्र पूजा की भावपूर्ण पंक्तियों को गुनगुनाता है उसके रचनाकार श्रीमद् देवचन्द्र जी हैं। जैन साहित्य में चौबीस तीर्थंकरों पर रची गई चौबीसियों की संख्या सैकड़ों में है। परन्तु आज भी आनन्दघन जी तथा देवचन्द्र जी … Read more