आचार्य जिनराजसूरि – द्वितीय

आचार्य जिनसिंहसूरि जी के पट्टधर श्री जिनराजसूरि जी हुए। आपका जन्म बीकानेर निवासी बोथरा गोत्रीय श्रेष्ठि धर्मसी की धर्मपत्नी धारलदेवी की रत्नकुक्षि से सम्वत 1647 वैशाख सुदि 7 के दिन हुआ। आपका जन्म नाम खेतसी कुमार था। बाल्यकाल में ही आप समस्त कलाओं का अभ्यास कर निपुण बन गए। एक बार खरतरगच्छाचार्य श्री जिनसिंहसूरि जी … Read more

आचार्य जिनराजसूरि – प्रथम

आचार्य श्री जिनोदयसूरि के पट्टधर श्री जिनराजसूरि हुए। आपका दीक्षा नाम राजमेरु मुनि था। सम्वत 1432 फाल्गुन कृष्ण 6 के दिन पाटण में, श्री लोकहिताचार्य ने गुरु आज्ञा अनुसार आपको आचार्य पद प्रदान कर श्री जिनोदयसूरि जी के पट्ट पर स्थापित किया। और आपका नाम आचार्य जिनराजसूरि रखा गया। बोथरा तेजपाल के सुपुत्र कडुआ व … Read more