आचार्य जिनभद्रसूरि

आचार्य श्री जिनराजसूरि जी के पट्टधर 15वीं शताब्दी के जगत्प्रसिद्ध, महान ग्रन्थ संरक्षक, अनेक ज्ञानभण्डारों के संस्थापक श्री जिनभद्रसूरि जी हुए। अनेक प्राचीन और महत्वपूर्ण ग्रंथों की बड़ी संख्या में प्रतिलिपि कराने, देश के विभिन्न नगरों में ग्रन्थ भंडारों की स्थापना कराने तथा सैंकड़ों की संख्या में जिन-प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा कराने में किसी भी गच्छ … Read more