आचार्य जिनप्रभसूरि
आचार्य जिनपतिसूरि के पट्टधर श्री जिनेश्वरसूरि (द्वितीय) के दो प्रमुख शिस्य थे – जिनसिंहसूरि तथा जिनप्रबोधसूरि। इन दो आचार्यों से खरतरगच्छ की दो शाखाएं अलग हो गयी। लघु खरतर शाखा के प्रवर्तक श्री जिनसिंहसूरि जी के शिष्य श्री जिनप्रभसूरि जी हुए। श्री जिनप्रभसूरि जी बहुत बड़े शासन प्रभावक आचार्य हुए। आप जैसे अत्यंत प्रभावशाली आचार्य … Read more