आचार्य जिनवल्लभसूरि

आचार्य अभयदेवसूरि के पट्ट पर जिनवल्लभसूरि हुए। वे मूलतः आशिका नगरी (हांसी) के निवासी थे। उनके पिता बचपन में ही स्वर्ग सिधार गए थे। अतः माता ने ही उनका पालन पोषण किया था। जब उनकी आयु पढ़ने योग्य हुई तब माता ने उन्हें कूर्चपुरगच्छीय चैत्यवासी जिनेश्वराचार्य के मठ में शिक्षा के लिए भेजा। आप बहुत … Read more