आचार्य कीर्तिरत्नसूरि
नाकोड़ा तीर्थ और नाकोड़ा भैरव के संस्थापक, नाकोड़ा पार्श्वनाथ प्रतिमा के पुनर्स्थापक, खरतरगच्छ विभूषण श्री कीर्तिरत्नसूरि जी अपने समय के प्रख्यात विद्वान् और प्रभावशाली आचार्य थे। सम्वत 1449 में कोरटा नगर में आपका जन्म शंखवालेचा (संखलेचा) गोत्रीय पिता देपमल एवं माता देवलदे के यहां हुआ। आपका जन्म नाम देल्हा कुमार था। 13 वर्ष की आयु … Read more