दादा गुरुदेव जिनदत्तसूरि
भगवान महावीर की धर्म-परंपरा को जीवित एवं विशुद्ध बनाये रखने के लिए समय समय पर अनेक अमृत-पुरुष हुए। उनमें आचार्य जिनदत्तसूरि जैसे नवयुग प्रवर्त्तक महापुरुष की गणना होती है। श्री जिनदत्तसूरि जैन धर्म और उसकी खरतरगच्छीय परंपरा के एक ऐसे सुदृढ़ स्तम्भ थे जिन्होंने अपने व्यक्तित्व, साधना और प्रकांड पांडित्य के बल पर समाज में … Read more