दादा गुरुदेव युगप्रधान जिनचंद्रसूरि

सवाई युगप्रधान भट्टारक, बादशाह अकबर व जहाँगीर प्रतिबोधक, श्री जिनमाणिक्यसूरि जी के पट्टधर, चतुर्थ दादा गुरुदेव श्री जिनचन्द्रसूरि जी हुए।  आप अपने चारित्र बल एवं लोकोत्तर प्रभाव से विधर्मी शासकों को प्रभावित कर जैन धर्म और तीर्थों की रक्षा करनेवाले महापुरुष थे। आपने धर्म क्रान्ति करके जैन संघ में आयी हुई विकृतियों को दूर किया। … Read more

दादा गुरुदेव जिनकुशलसूरि

प्रकट प्रभावी, कामित कल्पतरु, भक्तजन वत्सल, शासन प्रभावक, अतिशयधारी, दादा गुरुदेव श्री जिनकुशलसूरि अपने समय के युगप्रधान महापुरुष थे। आपके परम पवित्र जीवन चरित्र और गुणों का वर्णन कवियों ने अनेक स्तुति एवं स्तवनों से किया है। आज से लगभग 700 वर्ष पूर्व की विकट परिस्थितियों में भी आपने अपने प्रभावशाली धर्मोपदेश से प्रतिबोधित कर … Read more

गुरु इकतीसा

* दोहा * श्री गुरुदेव दयाल को, मन में ध्यान लगाय । अष्ट सिद्धि नव निधि मिले, मन वांछित फल पाय ।। * चौपाई * श्री गुरु चरण शरण में आयो, देख दर्श मन अति सुख पायो । दत्त नाम दुख भंजन हारा, बिजली पात्र तले धरनारा ।।१।। उपशम रस का कन्द कहावे, जो सुमरे … Read more

दादा गुरुदेव मणिधारी जिनचंद्रसूरि

दादा गुरुदेव श्री जिनदत्तसूरि जी के पट्टधर, सूर्य के समान तेजस्वी आचार्य श्री जिनचंद्रसूरि, मणिधारी दादा गुरुदेव के नाम से जाने जाते हैं। असाधारण व्यक्तित्व एवं लोकोत्तर प्रभाव के कारण अल्प आयु में जो प्रसिद्धि आपने प्राप्त की वह परमात्मा महावीर के शासन के स्वर्णिम इतिहास का एक अनूठा अध्याय है। एक बार श्री जिनदत्तसूरि … Read more